FaithThe Hidayah Project फ़त्ह-ए-मक्का और सूरह अन-नस्र जीत वाली सुरह! Hidden Meaning of Surah An-Nasr #shorts#ai#viral#quran

फ़त्ह-ए-मक्का और सूरह अन-नस्र जीत वाली सुरह! Hidden Meaning of Surah An-Nasr #shorts#ai#viral#quran

Short2:11EducationPublished Sep 20, 2026, 1:34 PM · 4w ago
Views
1,634
+0 views/hour
Views / hour now
0
measured 7h ago
Peak views / hour
—
 
First 24 hours
—
not tracked from upload
Engagement
6.0%
likes + comments / views
Likes
98
6.0% of views
Comments
0
0.00% of views
Est. ad revenue
—
Shorts pay from a shared pool

Checked every 12 h while the video is this age · last check 7h ago · next in 287 min. YouTube itself updates public counts with a short delay.

Avg views / day
55
since upload
vs channel median
1.0×
this video's views ÷ the channel's usual
Rank in channel
#11
of 20 tracked

Views over time

2 readings

Total views Views gained per hour

Description

https://youtu.be/RlFkcxFyukE?si=yMBTuGAgzitcoE-e इस link पर क्लिक करें और पूरा वीडियो देखें मुहम्मद सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम की पैदाईश पर हुए मोज्जिज़ात का एक सिनेमैटिक रियलिस्टिक फॉर्मेट में बना पूरा वाक़ियात सीरत और हदीस की किताबों की रोशनी में पेश है। जरूर देखें और वीडियो पर कमेंट्स, शेयर और सब्सक्राइब करें। क्या आपने कभी सोचा है कि सूरह अन-नस्र में अल्लाह ने फ़त्ह और कामयाबी के बाद अपने नबी ﷺ को जश्न मनाने के बजाय तस्बीह और इस्तिग़फ़ार का हुक्म क्यों दिया? सूरह अन-नस्र की सिर्फ़ तीन आयतों में फ़त्ह-ए-मक्का, लोगों के गिरोह-दर-गिरोह इस्लाम में दाख़िल होने और उसके बाद तस्बीह व इस्तिग़फ़ार का ज़िक्र है। लेकिन हज़रत इब्न अब्बास رضي الله عنهما ने इन आयतों में एक और गहरी निशानी समझी। हज़रत उमर رضي الله عنه ने बद्र में शामिल बुज़ुर्ग सहाबा की मौजूदगी में उनसे पूछा कि इन आयतों का क्या मतलब है। कुछ सहाबा ने कहा कि इसका मतलब है कि अल्लाह की मदद और फ़त्ह मिलने पर उसकी हम्द और इस्तिग़फ़ार किया जाए। लेकिन इब्न अब्बास رضي الله عنهما ने कहा कि इसमें रसूलुल्लाह ﷺ के अजल यानी वफ़ात के क़रीब होने की तरफ़ इशारा है। हज़रत उमर رضي الله عنه ने उनकी बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वह भी इसके बारे में वही जानते हैं। स्रोत: सहीह अल-बुखारी 4970। सहीह मुस्लिम 3024a में इब्न अब्बास رضي الله عنهما से यह भी रिवायत है कि सूरह अन-नस्र पूरी की पूरी नाज़िल होने वाली आख़िरी सूरह थी। क़ुरआन — सूरह अन-नस्र, 110:1–3: ﴿إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ ۝ وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا ۝ فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا﴾ हिंदी अर्थ: “जब अल्लाह की मदद और फ़त्ह आ जाए, और आप लोगों को देख लें कि वे गिरोह-दर-गिरोह अल्लाह के दीन में दाख़िल हो रहे हैं, तो अपने रब की हम्द के साथ उसकी तस्बीह कीजिए और उससे मग़फ़िरत माँगिए। बेशक वह बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला है।” स्रोत: क़ुरआन, सूरह अन-नस्र 110:1–3। हदीस — सहीह अल-बुखारी 4970: حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كَانَ عُمَرُ يُدْخِلُنِي مَعَ أَشْيَاخِ بَدْرٍ... فَقُلْتُ: هُوَ أَجَلُ رَسُولِ اللَّهِ ﷺ أَعْلَمَهُ لَهُ... فَقَالَ عُمَرُ: مَا أَعْلَمُ مِنْهَا إِلَّا مَا تَقُولُ. अनुवाद: इब्न अब्बास رضي الله عنهما बयान करते हैं कि हज़रत उमर رضي الله عنه उन्हें बद्र में शामिल बुज़ुर्ग सहाबा की मजलिस में बैठाया करते थे। एक दिन उमर رضي الله عنه ने उनसे सूरह अन-नस्र की आयत के बारे में पूछा। कुछ लोगों ने कहा कि इसका मतलब यह है कि जब अल्लाह की मदद और फ़त्ह आए तो हम अल्लाह की हम्द करें और उससे इस्तिग़फ़ार करें। फिर उमर رضي الله عنه ने इब्न अब्बास رضي الله عنه से पूछा। उन्होंने कहा: “नहीं, इसमें रसूलुल्लाह ﷺ के अजल की ख़बर थी, जिसे अल्लाह ने आपको बता दिया था।” इस पर हज़रत उमर رضي الله عنه ने कहा: “मैं भी इसके बारे में वही जानता हूँ जो तुम कहते हो।” स्रोत: Sahih al-Bukhari 4970, Book of Tafsir, Surah An-Nasr की तफ़्सीर। हदीस — सहीह मुस्लिम 3024a: قَالَ لِيَ ابْنُ عَبَّاسٍ: تَعْلَمُ - وَقَالَ هَارُونُ: تَدْرِي - آخِرَ سُورَةٍ نَزَلَتْ مِنَ الْقُرْآنِ نَزَلَتْ جَمِيعًا؟ قُلْتُ: نَعَمْ، ﴿إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ﴾ قَالَ: صَدَقْتَ. अनुवाद: उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उत्बा कहते हैं कि इब्न अब्बास رضي الله عنهما ने उनसे पूछा: “क्या तुम जानते हो कि क़ुरआन में पूरी की पूरी नाज़िल होने वाली आख़िरी सूरह कौन-सी है?” उन्होंने कहा: “हाँ, ‘इज़ा जाआ नस्रुल्लाहि वल-फ़त्ह।’” इब्न अब्बास رضي الله عنهما ने कहा: “तुमने सच कहा।” स्रोत: Sahih Muslim 3024a, Book of Commentary on the Qur'an. एक और संबंधित रिवायत में उम्मुल-मोमिनीन हज़रत आइशा رضي الله عنها बताती हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ सूरह अन-नस्र के नाज़िल होने के बाद अक्सर यह पढ़ते थे: سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ، أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ अनुवाद: “ऐ अल्लाह! तू पाक है और मैं तेरी हम्द करता हूँ। मैं तुझसे मग़फ़िरत माँगता हूँ और तेरी तरफ़ तौबा करता हूँ।” स्रोत: Sahih Muslim 1088; इसी विषय की रिवायतें सहीह बुखारी और सहीह मुस्लिम में भी आई हैं। इस वीडियो का मक़सद क़ुरआन और सहीह अहादीस से एक अहम सबक़ समझना है: कामयाबी मिलने पर इंसान को अपने रब को भूलना नहीं चाहिए। बल्कि कामयाबी के बाद भी तस्बीह, हम्द और इस्तिग़फ़ार करना चाहिए। अगर आपको सूरह अन-नस्र का यह गहरा पहलू पहले नहीं पता था, तो वीडियो को Like करें, Share करें और ऐसे ही रिसर्च-बेस्ड इस्लामिक वीडियो के लिए चैनल को Subscribe करें। नोट: इस वीडियो में दी गई हदीसों के अरबी मत्न और अनुवाद संदर्भित स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। धार्मिक विषयों में विस्तृत अध्ययन के लिए मूल अरबी स्रोत और विश्वसनीय उलेमा की तफ़्सीर से भी रुजू करें। #SurahAnNasr #SurahNasr #IbnAbbas #UmarRA #FatahMakkah #IslamicHistory #Quran #Hadith #IslamicShorts #QuranShorts Surah An Nasr, Surah Nasr ka raaz, Surah An Nasr ka raaz, Ibn Abbas Surah Nasr, Hazrat Ibn Abbas, Hazrat Umar Ibn Abbas, Umar Ibn Abbas hadith, Surah Nasr tafseer, Surah Nasr explanation, Surah Nasr last surah, last surah revealed, Fatah Makkah, Fatah Makkah history, Quran Surah Nasr, Quran 110, Surah Nasr 110, Islamic history, Islamic shorts, Quran shorts, Hadith shorts, Sahih Bukhari 4970, Sahih Muslim 3024, Ibn Abbas hadith, Umar RA hadith, Rasool Allah ﷺ, Islamic knowledge, Quran knowledge, Surah Nasr Hindi, Surah Nasr Urdu, Islam Hindi, Islamic video Hindi
Tags
Islamic Video HindiIslam HindiIslamic KnowledgeIslamic HistoryHadith ShortsQuran ShortsIslamic ShortsQuran 110Quran Surah NasrUmar Ibn Abbas HadithIbn Abbas HadithSahih Muslim 3024Sahih Bukhari 4970Fatah Makkah HistoryFatah MakkahSurah Nasr TafseerSurah Nasr

Details

Published
Sep 20, 2026, 1:34 PM
Length
2:11 (131 s)
Format
Short (3 min or less)
Category
Education
Audio language
HI
Quality
HD
Captions
No
Made for kids
No
Licensed content
No
Video ID
Ixw0BxE-yO4

More from The Hidayah Project

Statistics from the YouTube Data API, tracked by FameX. Views per hour, revenue and comparisons are FameX estimates.