History & cultureमोर माटी के सुरहरछठ म दाई के दुलार | कमरछठ गीत 2026 | New CG Har Chhath Song | मोर माटी के सुर

हरछठ म दाई के दुलार | कमरछठ गीत 2026 | New CG Har Chhath Song | मोर माटी के सुर

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Published Sep 1, 2026, 12:30 AM · 6w ago

मोर माटी के सुर
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हरछठ म दाई के दुलार, Har Chhath CG Song, Kamarchhath Geet, Chhattisgarhi Lokgeet, CG Bhakti Song, Mor Mati Ke Sur, कमरछठ गीत, CG Devotional Song, Chhattisgarhi Festival Song, Dai Ke Dular CG Song हरछठ म दाई के दुलार - भादो के पावन बेरा म महतारी के अमर असीस अउ ममता के अनमोल सुर। Listen to this soulful Chhattisgarhi devotional folk song dedicated to the sacred festival of Kamarchhath (Hal-Shasthi), celebrating a mother's selfless penance and prayer for her child's long life. छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा म बसे हर एक लइका बर ओकर दाई ह भगवान बरोबर होथे। भादो कृष्ण पक्ष के पावन हरछठ (कमरछठ) तिहार म जब दाई ह बिना नांगर जोते पसहर चांउर अउ छह किसिम के भाजी रांध के, महुवा पाना म छठिया दाई ल भोग लगाथे, त ओकर हर एक सांस म अपन बबुआ के लंबी उमर अउ सुख-संवार के आसिस समाए रहिथे। हमारे यूट्यूब चैनल “मोर माटी के सुर” म हमर छत्तीसगढ़ के इही सुग्घर माटी के सुगंध, परंपरा, अउ महतारी के निस्वार्थ ममता ल लोक सुर के माध्यम ले संजोए के एक निस्वार्थ प्रयास करे गे हे। @mormatikesur SONG HIGHLIGHTS: * भादो अँधियारी छठ म सगरी (जल कुंड) तीर बैठ के छठिया दाई के पावन पूजा-अर्चना * महुवा के दोना, दतवन, कांसी फूल, पतेरा, पोती सूत अउ सिंदूर के पारंपरिक अर्पण * बिना नांगर जोते उपजे पसहर चांउर अउ छह किसिम के भाजी के पवित्र भोग * भैंसी के दूध-दही-घीव के अर्पण संग निर्जला उपवास के कठोर तपस्या * महतारी द्वारा अपन बेटा (बबुआ) के दीर्घायु, रक्षा अउ नजर उतारे बर मंगाय अमर असीस CULTURAL / EMOTIONAL NOTE: कमरछठ (हरछठ/हलषष्ठी) छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति के सबसे ममतामयी अउ निष्ठावान तिहार हे। एहू दिन महतारी मन अपन संतान के रक्षा अउ लंबी उमर बर अन्न-जल त्याग के निर्जला बरत राखथ Senior महिलाएं अउ माई मन महुवा पाना के दोना म पसहर चांवर अउ छह प्रकार के भाजियों का भोग लगा के सगरी के पूजा करथें। यह गीत केवल एक भजन नहीं, बल्कि हर एक छत्तीसगढ़िया महतारी के धड़कन अउ संतान के प्रति ओकर अटूट दुलार के दर्पण हे। DISCLAIMER: यह पारंपरिक लोकगीत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरछठ (कमरछठ) पर्व और मातृ-वात्सल्य के लोक-संस्कारों को श्रद्धापूर्वक प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक भाव
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