FaithMantra SarovarVidur Niti Adhyay 8 | Vidur Niti 8 Adhyay | Vidur Niti Athva Adhyay | Vidur Niti 8 | MANTRA SAROVAR

Vidur Niti Adhyay 8 | Vidur Niti 8 Adhyay | Vidur Niti Athva Adhyay | Vidur Niti 8 | MANTRA SAROVAR

Long-form9:23MusicPublished Sep 14, 2026, 7:46 PM · 5w ago
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Vidur Niti Adhyay 8 | Vidur Niti 8 Adhyay | Vidur Niti Athva Adhyay | Vidur Niti 9 | MANTRA SAROVAR __________________________________________ vidur niti in hindi | vidur niti hindi | vidur niti hindi mein | in hindi vidur niti | hindi vidur niti | vidur niti | vidur niti mahabharat | vidur niti katha | vidur neeti in hindi | vidur neeti hindi | vidur neeti hindi mein | in hindi vidur neeti | hindi vidur neeti | sampurn vidur niti in hindi | sampurn vidur niti hindi | sampurn vidur niti hindi mein Vidur niti adhyay 8 विदुर जी कहते हैं - जो सज्जन पुरुषों से आदर पाकर आसक्ति रहित हो अपनी शक्ति के अनुसार अर्थ-साधन करता रहता है, उस श्रेष्ठ पुरुष को शीघ्र ही सुयश की प्राप्ति होती है; क्योंकि संत जिस पर प्रसन्न होते हैं, वह सदा सुखी रहता है ।। जो अथर्म से उपार्जित महान् धनराशि को भी उसकी ओर आकृष्ट हुए बिना ही त्याग देता है, वह जैसे साँप अपनी पुरानी केंचुली छोड़ता है, उसी प्रकार दुःखों से मुक्त हो सुख पूर्वक शयन करता है ।। झूठ बोलकर उत्नति करना, राजा के पास तक चुगली करना, गुरु से भी मिथ्या आग्रह करना- ये तीन कार्य ब्रह्महत्या के समान हैं ।। गुणों में दोष देखना एकदम मृत्यु के समान है, कठोर बोलना या निन्दा करना लक्ष्मी का वध है , सुनने की इच्छा का अभाव या सेवा का अभाव, उतावलापन और आत्मप्रशंसा- ये तीन विद्या के शत्रु है ।।आलस्य, मद-मोह, चंचलता, गोष्ठी, उद्दण्डता, अभिमान और लोभ -ये सात विद्यार्थियों के लिये सदा ही दोष माने गये हैं ।।सुख चाहनेवाले को विद्या कहाँ से मिले? विद्या चाहने वालों के लिये सुख नहीं है; सुख की चाह हो तो विद्या को छोड़े और विद्या चाहे तो सुख का त्याग करे।।ईंधन से आग की, नदियों से समुद्र की, समस्त प्राणियों से मृत्यु की और पुरुषों से कुलटा स्त्री की कभी तृप्ति नहीं होती ।। आशा धैर्य को, यमराज समृद्धि को, क्रोध लक्ष्मी को, कृपणता यश को और सार संभाल का अभाव पशुओं को नष्ट कर देता है, इधर ! इधर एक ही ब्राह्मण यदि क्रुद्ध हो जाय तो सम्पूर्ण राष्ट्र का नाश कर देता है ।। बकरियाँ, काँसे का पात्र, चाँदी, मधु,अर्क खींचने का यन्त्र, पक्षी, वेदवेत्ता ब्राह्मण, बूढ़ा कुटुम्बी और विपत्तिग्रस्त कुलीन पुरुष- ये सब आपके घर में सदा उपस्थित रहें ।। भारत ! मनु जी ने कहा है कि देवता, ब्राह्मण तथा अतिथियों की पूजा के लिये बकरी, बैल, चन्दन, वीणा, दर्पण, मधु, घी, जल, ताँबे के बर्तन, शंख, शालग्राम और गोरोचन- ये सब वस्तुएँ घर पर रखनी चाहिये ।। तात ! अब मैं तुम्हें बहुत ही महत्त्वपूर्ण एवं सर्वोपरि पुण्यजनक बात बता रहा हूँ- कामना से, भय से, लोभ से तथा इस जीवन के लिये भी कभी धर्म का त्याग न करे। धर्म नित्य है, किंतु सुख-दुःख अनित्य हैं। जीव नित्य है, पर इसका कारण अर्थात अविद्या अनित्य है। आप अनित्य को छोड़कर नित्य में स्थित होइये और संतोष धारण कीजिये; क्योंकि संतोष ही सबसे बड़ा लाभ है ।। धन-धान्यादि से परिपूर्ण पृथ्वी का शासन करके अन्त में समस्त राज्य और विपुल भोगों को यहीं छोड़कर यमराज के वश में गये हुए बड़े-बड़े बलवान् एवं महानुभाव राजाओं की ओर दृष्टि डालिये ।। राजन् ! जिसको बड़े कष्ट से पाला-पोसा था, वह पुत्र जब मर जाता है, तो मनुष्य उसे उठाकर तुरंत अपने घर से बाहर कर देते हैं। पहले तो इसके लिये बाल को छितराये करुण स्वर में विलाप करते हैं, फिर साधारण काठ की भाँति उसे जलती चिता में झोंक देते है ।। मरे हुए मनुष्य का धन दूसरे लोग भोगते हैं, उसके शरीर की धातुओं को पक्षी खाते हैं या आग जलाती है। यह मनुष्य पुण्य-पाप से बँधा हुआ इन्हीं दोनों के साथ परलोक गमन करता है ।। तात ! बिना फल-फूल के वृक्ष को जैसे पक्षी छोड़ देते हैं, उसी प्रकार उस प्रेत को उसके जातिवाले, सुहृद और पुत्र चिता में छोड़कर लौट जाते हैं । अग्नि में डाले हुए उस पुरुष के पीछे तो केवल उसका अपना किया हुआ बुरा या भला कर्म ही जाता है। इसलिये पुरुष को चाहिये कि वह धीरे-धीरे प्रयत्नपूर्वक धर्म का ही संग्रह करे ।। इस लोक और परलोक से ऊपर और नीचे तक सर्वत्र अज्ञानरूप महान् अन्धकार फैला हुआ है। वह इन्द्रियों को महान् मोह में डालनेवाला है। राजन् ! आप इसको जान लीजिये, जिससे यह आपका स्पर्श न कर सके ।। मेरी इस बातको सुनकर यदि आप सब ठीक-ठीक समझ सकेंगे तो इस मनुष्यलोक में आपको महान् यश प्राप्त होगा और इहलोक तथा परलोक में आपके लिये भय नहीं रहेगा ।। ------------------------- rest of the vidur niti athvan adhyay in hindi चैनल का विशेष दर्शक बनने हेतु Click करें Join this channel to get access to perks: https://www.youtube.com/channel/UCdSbpYAa4wXiTM1uzE1WMOA/join ___________________________________ स्वर - भास्कर पंडित Voice By - Bhaskar Pandit ________________________________________ "लगाइये आस्था की डुबकी " ~ मंत्र सरोवर ~ @MantraSarovar https://www.youtube.com/c/MantraSarovar?sub_confirmation=1 _________________________________________ #mantrasarovar #vidurnitiadhyay8 #vidurnitiathvanadhyay #vidurniti8adhyay #vidurnitiadhyayathvan
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Details

Published
Sep 14, 2026, 7:46 PM
Length
9:23 (563 s)
Format
Long-form
Category
Music
Audio language
HI
Quality
HD
Captions
Yes
Made for kids
No
Licensed content
Yes
Video ID
ZnO5I8FG76g

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