Koi Aisa Bhi Mile Jo Mujhe Samjhe To Sahi | Jagjit Singh Gazal
Long-form6:23EntertainmentPublished Oct 2, 2026, 12:17 PM · 3w ago
Views
1,325
+0 views/hour
Views / hour now
0
measured 7h ago
Peak views / hour
—
First 24 hours
—
not tracked from upload
Engagement
1.5%
likes + comments / views
Likes
19
1.4% of views
Comments
1
0.07% of views
Est. ad revenue
$0–$1
lifetime, $0.21–0.63 RPM
Checked every 12 h while the video is this age · last check 7h ago · next in 250 min. YouTube itself updates public counts with a short delay.
Avg views / day
61
since upload
vs channel median
0.6×
this video's views ÷ the channel's usual
Rank in channel
#14
of 20 tracked
Views over time
1 readings
Total views Views gained per hour
Live tracking started
The chart fills in as FameX records new readings.
Description
कोई ऐसा भी मिले
कोई ऐसा भी मिले, जो मुझे समझे तो सही,
मेरी ख़ामोशियों को मेरी ज़ुबाँ समझे तो सही।
मैंने हर शख़्स के आगे ख़ुद को हँसता देखा,
कोई मेरी आँख में ठहरा हुआ ग़म समझे तो सही।
---
हमने हर मोड़ पे लोगों का सहारा माँगा,
हर किसी से नहीं, बस किसी एक को पुकारा।
लोग मिलते रहे मतलब की ज़रूरत लेकर,
कोई बिन काम के भी हाल हमारा पूछे तो सही।
मैंने माना कि ज़माना है बड़ा ख़ुदगर्ज़ मगर,
कोई रिश्तों को भी रिश्तों की तरह रखे तो सही।
जिसको खोने का डर हो, उसे इतना तो कहे,
“तू कहीं जाएगा नहीं, मेरे पास रहे।”
---
कितनी रातें हैं जो आँखों में गुज़ारी हमने,
कितने सपने हैं जिन्हें ख़ुद ही दफ़नाया हमने।
सबको लगता है कि मज़बूत बहुत हैं हम तो,
कोई पूछे कि अकेले में क्या करते हो कभी।
हँसते चेहरे के पीछे भी कहानी होती है,
हर मुस्कान के पीछे एक रवानी होती है।
लोग पढ़ते हैं किताबों में हमारी बातें मगर,
कोई चेहरा भी पढ़े—दिल की निशानी समझे तो सही।
---
घर से निकले थे तो दुनिया को बदलने निकले,
वक़्त बदला तो ख़ुद ही बदलते चले गए।
जिनको लगता था कि हम लौट के आएँगे कभी,
हम उन्हीं रास्तों से चुपचाप निकलते चले गए।
अब न शिकायत है किसी से, न कोई शिकवा है,
बस कभी-कभी पुराना-सा कोई सपना आए।
कोई आवाज़ दे पीछे से उसी अंदाज़ में,
और हम मुड़कर उसे अपना समझ लें—तो सही।
---
अब जो उम्र की शाम धीरे-धीरे उतरती है,
हर पुरानी मुलाक़ात याद आने लगती है।
कुछ चेहरे तस्वीरों में मुस्कुराते हैं अभी,
कुछ की आवाज़ भी दिल में सुनाई देती है।
हमने दौलत तो बहुत जोड़ ली इस दुनिया में,
काश दो पल भी किसी अपने के नाम कर पाते।
काश कोई शाम बिना किसी मतलब के मिले,
और हम बस उसके पास बैठकर ख़ामोश रहें।
---
अंतिम शेर
अब नहीं चाहिए कोई बड़ी ख़ुशी मुझको,
बस कोई अपना-सा एहसास चाहिए।
जब कभी टूटने लगूँ अपने ही भीतर से,
कोई हाथ पकड़कर कहे—“मैं हूँ, डर मत।”
कोई ऐसा भी मिले, जो मुझे समझे तो सही,
मेरी ख़ामोशियों को मेरी ज़ुबाँ समझे तो सही।
मैंने दुनिया में बहुत लोगों को अपना देखा,
कोई मेरा होकर भी मेरा रहे—तो सही।
Details
- Published
- Oct 2, 2026, 12:17 PM
- Length
- 6:23 (383 s)
- Format
- Long-form
- Category
- Entertainment
- Audio language
- HI
- Quality
- HD
- Captions
- No
- Made for kids
- No
- Licensed content
- Yes
- Video ID
- wYmO_ZwDw1g
More from SuvYr
जगजीत सिंह जी की दर्द भरी ग़ज़लें | रुला देने वाली गजलें 🫵| Heart Touching Ghazals1.9K views · 23h ago
हम तुम्हें याद बहुत आएँगे | दर्द भरी हिंदी ग़ज़ल | Heart Touching Sad Ghazal 2026332 views · 3d ago
जगजीत सिंह जी की रुला देने वाली ग़ज़लें | आप सुनोगे तो रोने लगोगे 🫵| दर्द भरी ग़ज़लें8.9K views · 5d ago · +120/h
कुछ अपने भी पराए निकले? सुनिए ये दर्द भरी ग़ज़ल16.9K views · 6d ago
कोई ख़बर नहीं रखता | ज़िंदगी की सच्चाई बयां करती दर्द भरी ग़ज़ल | Heart Touching Hindi Ghazal607 views · 1w ago
जगजीत सिंह जी की जीवन की सच्चाई भरी गजलें 🫵 | आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी यह गजलें 🫵15.8K views · 1w ago
Sabko Sambhalate Sambhalte Hum Kahan Rah Gaye | sad hindi ghazal song30.5K views · 1w ago · +65/h
Najariya Badal Gaya 😔🕊️ sad gazal658 views · 1w ago
Statistics from the YouTube Data API, tracked by FameX. Views per hour, revenue and comparisons are FameX estimates.