Stories & narrationWoh Wala Bachpanनानी के गाँव का रहस्य , पुरानी संदूक और पीतल की सीटी | 90s Nostalgia Ghibli Style

नानी के गाँव का रहस्य , पुरानी संदूक और पीतल की सीटी | 90s Nostalgia Ghibli Style

Long-form8:33

Published Aug 25, 2026, 10:45 AM · 7w ago

Woh Wala Bachpan
Woh Wala Bachpan
37.3K subscribers · median 76.3K views
Views
69,157
+6 views/hour
Likes
160
0.2% of views
Comments
9
0.01% of views

Checked every 24 h while the video is this age · last check 17h ago · next in 397 min. YouTube itself updates public counts with a short delay.

Open on YouTube
Views / hour now
6
measured 17h ago
Peak views / hour
6
17h ago
Avg views / day
1.4K
since upload
First 24 hours
—
not tracked from upload
vs channel median
0.9×
Rank in channel
#11
of 20 tracked
Engagement
0.2%
likes + comments / views
Est. ad revenue
$138–$415
lifetime, $2–6 RPM

Views over time

0 readings · line: total views · bars: views gained per hour

Live tracking started
The chart fills in as FameX records new readings.

Description

पुरानी संदूक, पीतल की सीटी और नानी के गाँव का रहस्य | 90s Nostalgia Ghibli Style रोहन और रिंकी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर अपनी नानी के गाँव पहुँचते हैं। गाँव की सरहद पर उनकी मुलाकात जमुनादेवी नाम की एक रहस्यमयी बूढ़ी महिला से होती है, जो बिना देखे ही दोनों बच्चों के बारे में सब कुछ बता देती हैं। रिंकी उससे घबरा जाती है, जबकि रोहन के मन में उसके बारे में जानने की जिज्ञासा पैदा हो जाती है। नानी से रोहन को पता चलता है कि जमुनादेवी के पास एक पुरानी संदूक है, जिसमें पूरे गाँव की पुरानी जिंदगी की कहानी लिखी होने की बात कही जाती है। इसी रहस्य के कारण रोहन का ध्यान बार-बार पीपल के पेड़ की तरफ जाने लगता है। दोपहर में बैलगाड़ी के पहिए को ठीक करने के दौरान काका रोहन को जमुनादेवी के पास रखी पुरानी कुप्पी लाने के लिए भेजते हैं। पीपल के पेड़ के नीचे रोहन की मुलाकात फिर जमुनादेवी से होती है। वह संदूक और उसमें छिपी कहानी का रहस्य बताकर रोहन से पूछती है कि क्या उसमें उस कहानी को देखने की हिम्मत है। रात में पूर्णिमा की चांदनी के बीच रोहन और रिंकी चुपके से पीपल के पेड़ के पास पहुँचते हैं। जमुनादेवी पुरानी लकड़ी की संदूक खोलती हैं। अंदर कोई खजाना नहीं, बल्कि एक पुरानी चिट्ठी और छोटी सी पीतल की सीटी मिलती है। जमुनादेवी बताती हैं कि यह सीटी उनके पिता ने बनाई थी और इसकी आवाज़ गाँव की पुरानी यादों को जगा सकती है। रोहन जैसे ही सीटी बजाता है, पूरे गाँव का माहौल बदल जाता है। हवा अचानक ठंडी हो जाती है, दूर से बैलों की घंटियों की आवाज़ सुनाई देती है और पीपल के पेड़ के नीचे एक धुंधली मानव आकृति दिखाई देती है। रिंकी घबरा जाती है और रोहन भी हैरान रह जाता है। लेकिन धीरे-धीरे उस रहस्य का सच सामने आता है। जमुनादेवी अपने पिता की पुरानी याद से जुड़ी कहानी सुनाती हैं और तभी झाड़ियों से मस्तमौला काका निकल आते हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने सीटी को संदूक के पास रखकर बच्चों को डराने की शरारत की थी। रोहन समझ जाता है कि गाँव की पुरानी चीज़ों में डर से ज्यादा यादें और कहानियाँ छिपी होती हैं। अगली सुबह रोहन और रिंकी के हाथ में वही पीतल की सीटी होती है। रोहन सीटी बजाता है तो दूर कबूतरों का झुंड उड़ जाता है। नानाजी सीटी देखकर बताते हैं कि गाँव में हर सीटी की आवाज़ किसी न किसी पुरानी बात को बुलाती है।
Tags
90s Indian nostalgiaNani ke gaonJamunadevi storyrahasyamayi seetivillage mystery storyHindi storychildhood memories90s kidsIndian village lifeNani Nani storyNana Nanipeepal tree mysterybrass whistleGhibli style Hindi storynostalgic Hindi story

Details

Published
Aug 25, 2026, 10:45 AM
Length
8:33 (513 s)
Format
Long-form
Category
—
Audio language
—
Quality
—
Captions
—
Made for kids
—
Licensed content
—
Video ID
uDMZLchrkdc

More from Woh Wala Bachpan

Statistics from the YouTube Data API, tracked by FameX. Views per hour, revenue and comparisons are FameX estimates.