Stories & narrationSuvYr IIJo Paas Tha Uski Kadr Kaha Thi | जो पास था उसकी कद्र कहा थी | Ghazal Song
Jo Paas Tha Uski Kadr Kaha Thi | जो पास था उसकी कद्र कहा थी | Ghazal Song
Long-form5:52MusicPublished Oct 1, 2026, 1:51 PM · 3w ago
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Description
जो पास था, उसकी क़द्र कहाँ थी
जिसे अपना समझते रहे, वो अपना कहाँ था,
जिसे दिल में रखा, उसका पता कहाँ था।
हम उम्र भर ढूँढते रहे सुकून बाहर,
जो दिल में ही था, उसका पता कहाँ था।
मुखड़ा
जो पास था, उसकी क़द्र कहाँ थी,
जो दूर गया, वही याद रहा।
हमने तो बहुत कुछ पाया ज़िंदगी में,
बस जीने का थोड़ा-सा वक़्त कम रहा।
---
वो माँ की आवाज़, वो घर का आँगन,
वो शामें, वो बचपन, वो मिट्टी की ख़ुशबू,
तब रोज़ मिला करती थीं ये नेमतें,
हम समझे ही नहीं इनकी कीमत को।
आज शहर की भीड़ में सब कुछ अपना है,
फिर भी दिल को कोई घर नहीं मिला।
जिस छत के नीचे बचपन गुज़रा था,
उस छत जैसा कोई आसमाँ नहीं मिला।
---
कुछ लोग थे जो बिना कहे समझते थे,
अब हर बात समझानी पड़ती है।
पहले ख़ामोशी भी रिश्ता हुआ करती थी,
अब हर रिश्ते में वजह बतानी पड़ती है।
हमने सोचा था लोग हमेशा साथ रहेंगे,
मगर रास्तों ने सबको बाँट दिया।
जिसे कल तक अपना कहा था हमने,
वक़्त ने आज उसे अजनबी बना दिया।
---
कभी जेब खाली थी, मगर दिल भरा था,
थोड़ी-सी खुशी में भी संसार मिला था।
अब चीज़ें बहुत हैं हमारे पास मगर,
वो बेफ़िक्र हँसने का अधिकार कहाँ था।
हम कमाने में इतने मशगूल हो गए,
कि ज़िंदगी को जीना ही भूल गए।
जब हिसाब लगाया अपनी उम्र का,
तो बहुत से सुनहरे दिन पीछे छूट गए।
---
अब शाम ढलती है तो सोचता हूँ,
कितना कुछ यूँ ही गुज़र गया।
कुछ चेहरे यादों में रह गए,
कुछ चेहरों से रिश्ता ही मर गया।
काश वक़्त को थोड़ा रोक पाते,
काश कुछ पल फिर से जी पाते,
जो बातें रह गई थीं दिल में कहीं,
काश उन्हें वक़्त रहते कह पाते।
---
अंतिम हिस्सा
अब जो मिला है, उसे सँभाल लेते हैं,
हर ख़ुशी को कल पर नहीं डालते हैं।
जो अपना है उसे अपना कह देते हैं,
जो रूठा है उसे आज ही मना लेते हैं।
क्योंकि ज़िंदगी फिर मौका दे—ज़रूरी तो नहीं,
हर अपना दोबारा मिले—ज़रूरी तो नहीं।
जो पास बैठा है, उसका हाथ थाम लो,
हर शाम दोबारा ढले—ज़रूरी तो नहीं।
जो पास था, उसकी क़द्र कहाँ थी,
जो दूर गया, वही याद रहा।
ज़िंदगी ने बस इतना समझाया—
जो आज मिला है, वही सबसे ख़ास रहा।
Details
- Published
- Oct 1, 2026, 1:51 PM
- Length
- 5:52 (352 s)
- Format
- Long-form
- Category
- Music
- Audio language
- HI
- Quality
- HD
- Captions
- No
- Made for kids
- No
- Licensed content
- Yes
- Video ID
- fVNm8BV5_tk
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